चाचा से प्रेरणा लेकर भतीजे ने किया प्रथम रक्तदान, बने “रक्तवीर”

चाचा से प्रेरणा लेकर भतीजे ने किया प्रथम रक्तदान, बने “रक्तवीर”

कहते हैं संस्कारों की पहली पाठशाला परिवार होता है, और परिवार से मिले संस्कार ही इंसान को समाज के लिए कुछ अच्छा करने की प्रेरणा देते हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण सामने आया है, जहाँ चाचा से प्रेरित होकर भतीजे ने अपना पहला रक्तदान किया
रक्तवीर सेवा दल के अमित जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि आशीष असाटी से प्रेरित होकर उनके भतीजे अनुपम ने अपना प्रथम रक्तदान किया। रक्तदान के दौरान अनुपम में खासा उत्साह देखने को मिला।
रक्तदानी अनुपम ने बताया कि वह अपने चाचा को लगातार रक्तदान करते देखते थे, जिससे उन्हें बहुत खुशी होती थी और मन में समाज सेवा का भाव जागता था। चाचा से मिली इसी प्रेरणा के चलते आज वह भी रक्तदाता बन पाए हैं।
अनुपम ने कहा, “अब मैं आगे भी निरंतर रक्तदान करता रहूंगा, ताकि ज़रूरतमंदों की जान बचाई जा सके।”
इस मौके पर रक्तवीर सेवा दल के सदस्यों ने अनुपम की सराहना करते हुए कहा कि यदि युवा इसी तरह आगे आएं, तो रक्त की कमी से किसी की जान नहीं जाएगी।

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