अंधेरे में डूबा रहता हरपालपुर रेलवे स्टेशन,
हरपालपुर। हरपालपुर रेल्वे स्टेशन शाम ढलने के बाद ही अंधेरे में डूब जाता है। ऐसा होने से रात के वक्त यहां उतरने वाले यात्रियों में असुरक्षा की भावना बनी रहती है।
रेलवे मंत्रालय देश के तमाम रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। लेकिन फिर भी झाँसी मानिकपुर रेलवे ट्रक का महत्त्वपूर्ण का छतरपुर जिले का पहला रेलवे स्टेशन की स्थिति में कोई सुधार नहीं आ पा रहा है। अव्यवस्थाओं का यह आलम है कि शाम ढ़लने के बाद ही स्टेशन पर अंधेरा छा जाता है। इससे रात के वक्त यहां पर रुकने वाली ट्रेनों के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। एक तो उन्हें अपने स्टेशन पर रोशनी न होने से ये ही पता नहीं चल पाता है कि वे अपने मुकाम पर आ चुके हैं। जब तक उन्हें पता चल पाता है वे अगले स्टेशन पर पहुंच चुके होते हैं। यही नहीं यहां उतरने वाले यात्रियों को प्लेटफार्म व स्टेशन के बाहर लाइट न होने से भी भारी दिक्कतें होती हैं। ऐसे मे चोर, उठाईगीरों की मौज बनी रहती है। स्टेशन पर मात्र स्टेशन अधीक्षक व टिकट घर के बाहर ही बल्ब टिमटिमाते नजर आते हैं जबकि स्टेशन का अन्य परिसर अंधेरे में डूबा रहता है। दैनिक यात्रियों ने कई बार रेलवे के अधिकारियों को अवगत कराया है फिर भी यहां पर यात्री सुविधाओं की ओर कतई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कुलदीप वर्मा,
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