छतरपुर पुलिस का 'न्याय पथ अभियान': 32 साल से फरार 10 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार
हत्या के प्रयास और गृह भेदन जैसे संगीन मामलों में था वांछित; बांदा (U.P.) से दबोचा गया अपराधी
छतरपुर। जिला पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन के कुशल निर्देशन में चलाए जा रहे "न्याय पथ अभियान" के तहत गौरिहार थाना पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। पुलिस टीम ने तीन दशक से अधिक समय से कानून की आँखों में धूल झोंक रहे एक शातिर और इनामी अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पकड़ा गया आरोपी वर्ष 1994 के गृह भेदन और मारपीट सहित वर्ष 1995 के हत्या के प्रयास जैसे जघन्य अपराधों में संलिप्त था।
तीन दशकों का लंबा इंतजार और पुलिस की सटीक घेराबंदी
पकड़े गए अभियुक्त की पहचान मुखिया अहिरवार (पिता राम प्रसाद अहिरवार), निवासी ग्राम करहिया, थाना मौदहा, जिला हमीरपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। आरोपी पिछले 32 वर्षों से फरार चल रहा था, जिसके चलते माननीय न्यायालय द्वारा उसके विरुद्ध स्थाई वारंट जारी किया गया था। अपराधी की गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये का नकद इनाम भी घोषित था।
एसपी श्री अगम जैन द्वारा जिले में लंबित पुराने आपराधिक मामलों के निपटारे और फरार अपराधियों की धरपकड़ हेतु विशेष "न्याय पथ अभियान" चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुखबिर तंत्र और तकनीकी सर्विलांस की मदद से गौरिहार पुलिस ने आरोपी का पीछा करते हुए उसे उत्तर प्रदेश के जिला बांदा क्षेत्र से घेराबंदी कर धर दबोचा।
अपराधिक इतिहास: हत्या के प्रयास में भी था शामिल
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त मुखिया अहिरवार का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है:
- वर्ष 1994: थाना गौरिहार के अंतर्गत गृह भेदन (घर में घुसकर चोरी/लूट) और मारपीट के गंभीर प्रकरण में संलिप्त था।
- वर्ष 1995: आरोपी 31 साल पुराने एक अन्य मामले में 'हत्या के प्रयास' (Attempt to Murder) जैसे जघन्य अपराध में भी लिप्त पाया गया था।
इतने लंबे समय तक फरार रहने के कारण यह मामला पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी पर वैधानिक कार्यवाही कर उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
कार्यवाही में शामिल टीम
इस महत्वपूर्ण सफलता में एसडीओपी लवकुश नगर श्री नवीन दुबे के मार्गदर्शन में गौरिहार थाना पुलिस की सक्रिय भूमिका रही:
- निरीक्षक रूप नारायण पटेरिया (थाना प्रभारी गौरिहार)
- उप निरीक्षक देवेंद्र सिंह यादव (चौकी प्रभारी पहरा)
- आरक्षकगण: विकास सिंह, शिवम मिश्रा, संदीप पाठक, मुलायम सिंह, दीप सिंह, शेरा सिंह।
- सायबर सेल टीम: आरक्षक विजय की तकनीकी भूमिका सराहनीय रही।
छतरपुर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के लंबे हाथ अपराधियों तक पहुँचकर ही रहेंगे। जिले में फरार अपराधियों के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
कुलदीप वर्मा बुंदेली न्यूज
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