बुंदेलखंड की धरती उगलेगी बहुमूल्य खनिज! महोबा के महोबकंठ में मिला 'जिरकोनियम' का विशाल भंडार, यूपी बना देश का चौथा राज्य,
महोबा/लखनऊ
पहाड़ों, गिट्टी और मौरंग के खनन के लिए पहचाने जाने वाले बुंदेलखंड के महोबा जिले की तकदीर अब बदलने वाली है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की एक अहम खोज में महोबा जिले के पनवाड़ी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोहनिया-महौबकंठ ब्लॉक (Kohnia-Mahobakanth block) में एक बेहद दुर्लभ और बहुमूल्य भारी धातु जिरकोनियम' (Zirconium) का विशाल भंडार मिला है।
जीएसआई (GSI) की रिपोर्ट और रासायनिक जांच में इस बेशकीमती खनिज की पुष्टि होने के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार के भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने इसके खनन के लिए लाइसेंस भी जारी कर दिया है। इसी के साथ उत्तर प्रदेश अब देश का चौथा ऐसा राज्य बन गया है, जहां इस बहुमूल्य धातु का खनन किया जाएगा। इससे पहले जिरकोनियम केवल ओडिशा, तमिलनाडु और केरल में ही पाया जाता था।
क्या है जिरकोनियम और क्यों है यह इतना खास?
भू-वैज्ञानिकों के अनुसार, जिरकोनियम एक उच्च गुणवत्ता वाली, अत्यंत मजबूत और उष्मा प्रतिरोधी (High-Heat Resistant) धातु है। इसका पिघलने का तापमान (Melting Point) न्यूनतम 1855°C होता है। इसमें जंग न लगने की खूबी और अत्यधिक गर्मी बर्दाश्त करने की क्षमता इसे दुनिया की सबसे अहम रणनीतिक धातुओं में से एक बनाती है।
इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होता है इस्तेमाल
महोबा में मिले इस खनिज की अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है। इसका उपयोग कई अति-महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाता है:
परमाणु ऊर्जा (Nuclear Reactors) यह न्यूट्रॉन्स को सोखती नहीं है, इसलिए इसका सबसे बड़ा उपयोग परमाणु रिएक्टरों में ईंधन की छड़ों (Fuel Rods) को कवर करने के लिए किया जाता है।
मेडिकल साइंस व दंत चिकित्सा:मोतियों जैसे चमकने वाले नकली दांत (Zirconia Crowns) और डेंटल इम्प्लांट्स बनाने में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। यह मानव शरीर के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
आभूषण (Jewelry):इसके चमकीले क्रिस्टल्स से कृत्रिम हीरे (Cubic Zirconia) और कीमती रत्न बनाए जाते हैं।
भारी उद्योग: उच्च तापमान सहने वाले संयंत्रों और रासायनिक फैक्ट्रियों के उपकरणों के निर्माण में भी यह बहुत उपयोगी है।
महोबा और बुंदेलखंड की बदलेगी तस्वीर
अभी तक महोबा की पहचान मुख्य रूप से ग्रेनाइट और पत्थर खदानों तक सीमित थी। लेकिन जिरकोनियम जैसी रणनीतिक धातु मिलने से इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने की उम्मीद है।
मिलेगा भारी राजस्व:इस बेशकीमती खनिज के खनन से उत्तर प्रदेश सरकार को रॉयल्टी के रूप में करोड़ों रुपये के राजस्व की प्राप्ति होगी।
रोजगार की बहार:खदान और इससे जुड़े नए उद्योगों के शुरू होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
औद्योगिक विकास: महोबा अब देश के रणनीतिक खनिज मानचित्र पर प्रमुखता से उभरकर सामने आएगा।
आगे की प्रक्रिया:
खनन विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस ब्लॉक की ई-नीलामी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पश्चिम बंगाल की एक प्रतिष्ठित कंपनी को इसके खनन का कंपोजिट लाइसेंस सौंपा गया है। जल्द ही इस क्षेत्र में मशीनों की गड़गड़ाहट के साथ इस बहुमूल्य धातु को निकालने का काम जमीनी स्तर पर शुरू हो जाएगा।
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