हरपालपुर: उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Sarkar) का लोगो लगी एक सरकारी गाड़ी, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर UP 93 DT 8908 है, हरपालपुर में सवारियां ढोते हुए पाई गई है। यह मामला सरकारी वाहनों के दुरुपयोग को उजागर करता है, जो कि गंभीर जांच का विषय है।
🚨 क्या है पूरा मामला?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह सरकारी वाहन आम यात्री गाड़ियों की तरह यात्रियों को बिठा रहा था और उनसे किराया वसूल रहा था। गाड़ी पर "उत्तर प्रदेश सरकार" स्पष्ट रूप से लिखा हुआ था।
जब इस संबंध में ड्राइवर से बात की गई, तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। ड्राइवर का कहना था कि उसे "साहब ने सवारियां भरने को कहा है।" हालांकि, ड्राइवर ने यह नहीं बताया कि वह "साहब" कौन है और किस विभाग से संबंधित है।
📍 UP 93: झांसी RTO से सम्बंधित
गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर UP 93 DT 8908 में 'UP 93' उत्तर प्रदेश के झांसी (Jhansi) क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) का कोड है, जिससे यह पता चलता है कि यह वाहन झांसी से पंजीकृत है। सरकारी गाड़ी का इस प्रकार से निजी टैक्सी के रूप में इस्तेमाल करना सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन है और सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग माना जाता है।
❓ कौन हैं 'साहब' जिन्होंने दी सवारी ढोने की अनुमति?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी वाहन को सवारी ढोने की अनुमति देने वाला "साहब" कौन है? यह अनुमति किस अधिकार से दी गई और इसके पीछे का मकसद क्या है? यह जांच का विषय है कि क्या यह किसी अधिकारी का निजी लाभ के लिए किया गया दुरुपयोग है या इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है..?
हमारी मांग है कि संबंधित परिवहन और प्रशासनिक अधिकारी इस मामले का संज्ञान लें और तत्काल प्रभाव से गाड़ी के मालिक/उपयोगकर्ता की पहचान कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करें, ताकि भविष्य में सरकारी वाहनों के इस तरह के दुरुपयोग को रोका जा सके।
कुलदीप वर्मा बुंदेली न्यूज
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