बड़ी कार्रवाई: मंत्री स्वतंत्र देव सिंह पर टिप्पणी करना BJP विधायक को पड़ा भारी, प्रदेश अध्यक्ष ने थमाया नोटिस।

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बड़ी कार्रवाई: मंत्री स्वतंत्र देव सिंह मामले में BJP विधायक को प्रदेश अध्यक्ष का नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब,

लखनऊ/महोबा: उत्तर प्रदेश की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। योगी सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी और अनुशासनहीनता के मामले में भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने संबंधित विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।

क्या है पूरा मामला?

​बीते दिनों एक वीडियो और कुछ मौखिक शिकायतों के आधार पर यह बात सामने आई थी कि भाजपा विधायक ने कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के विरुद्ध अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है। सूत्रों के अनुसार, एक सार्वजनिक कार्यक्रम या निजी बैठक के दौरान विधायक ने मंत्री की कार्यप्रणाली और उनके व्यक्तिगत कद को लेकर कुछ ऐसी बातें कहीं, जो पार्टी की गरिमा के विरुद्ध मानी गईं।

​जैसे ही इस प्रकरण की जानकारी संगठन के शीर्ष नेतृत्व तक पहुँची, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक हलचल तेज हो गई। पार्टी के अनुशासन को सर्वोपरि मानते हुए प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया।

नोटिस में क्या कहा गया?

​प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि:

  • ​विधायक का व्यवहार 'पार्टी विरोधी गतिविधियों' और 'घोर अनुशासनहीनता' की श्रेणी में आता है।
  • ​एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर रहते हुए अपने ही कैबिनेट मंत्री के खिलाफ सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करना संगठन की छवि को धूमिल करता है।
  • ​विधायक को 7 दिन का समय दिया गया है कि वे अपना पक्ष रखें, अन्यथा उनके विरुद्ध निष्कासन या निलंबन जैसी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

संगठन में हलचल, कार्यकर्ताओं में नाराजगी

​स्वतंत्र देव सिंह न केवल सरकार में कद्दावर मंत्री हैं, बल्कि वे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। संगठन में उनकी गहरी पैठ और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी लोकप्रियता को देखते हुए इस अपमानजनक टिप्पणी से कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि अगर इस स्तर पर अनुशासनहीनता को नहीं रोका गया, तो इससे भविष्य में गलत परंपरा शुरू हो सकती है।

विधायक की मुश्किलें बढ़ीं

​राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों और संगठन के विस्तार को देखते हुए भाजपा आलाकमान किसी भी प्रकार की गुटबाजी या भीतरघात को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। नोटिस मिलने के बाद से विधायक कैंप में सन्नाटा पसरा हुआ है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विधायक अपनी सफाई में क्या तर्क देते हैं।

नोट खबर सूत्रों पर आधारित

ब्यूरो रिपोर्ट, बुंदेली न्यूज़


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