कलेजा चीर देने वाला हादसा: 6 साल के मासूम की मौत का सदमा नहीं सह पाई मां, 10 मिनट के भीतर दोनों ने तोड़ा दम
अस्पताल पहुंचने से पहले एंबुलेंस में थमीं मां-बेटे की सांसें; पीड़ित परिवार की मदद को आगे आए नगर के समाजसेवी और पत्रकार।
हरपालपुर/छतरपुर:
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के हरपालपुर क्षेत्र से एक दिल को झकझोर देने वाली अत्यंत दुखद घटना सामने आई है। यहाँ एक ६ वर्षीय मासूम बेटे की मौत का सदमा उसकी मां बर्दाश्त नहीं कर सकी और महज कुछ ही मिनटों बाद मां ने भी दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस में दोनों की मौत हो गई, जिससे पूरे परिवार सहित क्षेत्र में कोहराम मच गया है।
उल्टी-दस्त और तेज बुखार के बाद बिगड़ी थी हालत
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हरपालपुर के स्टेशन मोहल्ला निवासी ६ वर्षीय हुसैन मंसूरी की तबीयत सोमवार दोपहर अचानक बिगड़ गई थी। उसे उल्टी-दस्त, तेज बुखार और पेट दर्द की शिकायत के बाद तत्काल हरपालपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे नौगांव और फिर वहां से छतरपुर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
गोद में शांत हुआ लाडला, तो मां के भी थमे प्राण
परिजनों ने बताया कि रास्ते में मां रजिया खातून अपने बेटे को गोद में लेकर लगातार उसे निहार रही थी। जिला अस्पताल पहुंचने से कुछ ही दूरी पहले मासूम के शरीर में हलचल बंद हो गई। बेटे की सांसें थमते ही मां पूरी तरह टूट गई और एंबुलेंस की सीट पर सिर टिकाकर बैठ गई। वह कुछ मिनटों तक रोती रही, लेकिन फिर अचानक शांत हो गई और बोलना बंद कर दिया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद मां-बेटे दोनों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की मौत के बीच लगभग १० मिनट का अंतर था। प्रशासन ने बच्चे की मौत के सटीक कारणों की जांच कराने की बात कही है।
कैंसर पीड़ित पति और पूरे घर की आधार थीं रजिया
परिजनों ने रुंधे गले से बताया कि रजिया अपने परिवार की सबसे मजबूत आधार थीं। उनके पति वर्तमान में फोर्थ स्टेज के गंभीर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे हैं, जिसके कारण घर की पूरी जिम्मेदारी रजिया पर ही थी। पति की बीमारी के बीच इकलौते लाडले की मौत का सदमा वह सहन नहीं कर सकीं।
मदद के लिए आगे आए सामाजिक लोग, बेटी की पढ़ाई का उठाया जिम्मा
इस हृदयविदारक घटना की खबर जैसे ही नगर में फैली, चारों ओर मातम छा गया। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के लिए नगर के डॉक्टर, समाजसेवी, राजनीति से जुड़े लोग और पत्रकार उनके निवास पर पहुंचे। पीड़ित पिता के आंसू नहीं थम रहे थे, जिन्हें सांत्वना देते हुए उपस्थित जनों ने आर्थिक और सामाजिक मदद का हाथ बढ़ाया:
आर्थिक सहयोग: लाइफ हेल्थ केयर के संचालक डॉक्टर योगेंद्र कुमार दीक्षित ने पीड़ित परिवार को 5100 रुपये की तत्काल सहयोग राशि भेंट की और भविष्य में भी समय-समय पर मदद का आश्वासन दिया। इसके साथ ही अल्पसंख्यक मोर्चा के मंडल अध्यक्ष तौसीब खान ने भी 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
शिक्षा की जिम्मेदारी: दैनिक भास्कर के संवाददाता संजय तिवारी एवं किसान मोर्चा के जिला महामंत्री अशोक सिंह ने मृतक की बेटी आलिया मंसूरी (कक्षा ८वीं की छात्रा) की पढ़ाई का पूरा जिम्मा उठाया। उन्होंने कहा कि बेटी की ड्रेस, किताबों से लेकर आगे की पढ़ाई का पूरा खर्च दोनों मिलकर उठाएंगे।
इस दौरान सांत्वना देने पहुंचे स्थानीय पत्रकार मनीष पांडेय, टिंकू साहू, अफजल अली और अमन राईन सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया
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