केन-बेतवा लिंक परियोजना: किसान नेता की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन अलर्ट, ढोडन बांध छावनी में तब्दील,
छतरपुर/पन्ना: केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत बनने वाले ढोडन बांध को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। किसान नेता अमिय भटनागर की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। आंदोलन की चिंगारी बांध स्थल तक न पहुंचे, इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
कलेक्टर और अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
शुक्रवार को छतरपुर कलेक्टर सहित केन-बेतवा लिंक परियोजना और पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से ढोडन बांध स्थल का निरीक्षण किया। प्रशासनिक अमले के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करना और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेना था।
परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा: सुरक्षा के कड़े घेरे
किसान आंदोलन की चेतावनी को देखते हुए पन्ना टाइगर रिजर्व के भूसौर नाका से लेकर ढोडन बांध स्थल तक सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है।
नाकाबंदी: संवेदनशील रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रतिबंध: आंदोलनकारियों को बांध स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है।
निगरानी: वन विभाग और पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से गश्त कर रही हैं ताकि निर्माण कार्य में कोई व्यवधान न आए।
क्यों हो रहा है विरोध?
विदित हो कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत ढोडन बांध का निर्माण किया जाना है, जिससे पन्ना टाइगर रिजर्व का एक बड़ा हिस्सा जलमग्न होने की संभावना है। स्थानीय किसान और पर्यावरणविद विस्थापन, मुआवजे और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रशासनिक रुख
अधिकारियों के अनुसार, परियोजना राष्ट्रहित में है और इसे समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। किसान नेता अमिय भटनागर की गिरफ्तारी को एहतियाती कदम बताया जा रहा है ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
रवि गुप्ता बुंदेली न्यूज
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