हरपालपुर: खरीदी केंद्र पर पसरा सन्नाटा, धूप में तड़पते रहे किसान; तहसीलदार की फटकार के बाद जागे कर्मचारी,
हरपालपुर/छतरपुर: एक तरफ सरकार और जिला प्रशासन दावा कर रहा है कि गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। ताजा मामला कृषि उपज मंडी हरपालपुर का है, जहाँ अव्यवस्थाओं के चलते किसानों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा।
बुधवार सुबह बुंदेलखंड विपणन सहकारी समिति (उपार्जन केंद्र क्रमांक-1) पर शासन के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ीं। सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि केंद्रों पर तौल की प्रक्रिया सुबह 9 बजे से अनिवार्य रूप से शुरू हो जानी चाहिए। लेकिन यहाँ आलम यह था कि सुबह 10 बजे तक केंद्र पर सन्नाटा पसरा रहा। न तो कोई सर्वेयर मौजूद था और न ही कोई जिम्मेदार कर्मचारी।
2. ट्रैक्टरों की लंबी कतार, किसानों का फूटा गुस्सा,
अपनी उपज लेकर सुबह-सुबह केंद्र पहुंचे किसान पुरी बाई, त्रिलोक सिंह सरसेड़ और रोहित सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि वे इस उम्मीद में जल्दी आए थे कि समय पर तौल हो जाएगी और वे वापस अपने काम पर लौट सकेंगे। लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी जब कोई नहीं आया, तो किसानों का धैर्य जवाब दे गया। मंडी परिसर के बाहर ट्रैक्टरों की लंबी कतार लग गई, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
3. तहसीलदार के हस्तक्षेप के बाद हरकत में आया अमला
मामले की गंभीरता और किसानों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए नौगांव तहसीलदार रमेश कोल को हस्तक्षेप करना पड़ा। तहसीलदार ने तत्काल सर्वेयर और नोडल अधिकारी से संपर्क किया और उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। तहसीलदार की इस सख्ती के बाद आनन-फानन में कर्मचारी केंद्र पहुंचे और खरीदी की प्रक्रिया शुरू की गई।
4. कलेक्टर से कार्रवाई की मांग,
मंडी में परेशान हो रहे किसानों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला कलेक्टर से लापरवाह कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि:
कड़कड़ाती धूप और अव्यवस्थाओं के बीच उन्हें घंटों खड़ा रखा जाता है।
समय पर तौल न होने से उनका परिवहन खर्च और समय दोनों बर्बाद होते हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों की मॉनिटरिंग की कमी के कारण निचले स्तर के कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं।
प्रशासनिक रुख
"मामला संज्ञान में आते ही सर्वेयर और नोडल अधिकारी को सख्त निर्देश दिए गए थे। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर्मचारियों को समय पर उपस्थित रहने की हिदायत दी गई है ताकि किसानों को परेशानी न हो।"
— रमेश कोल, तहसीलदार नौगांव
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