शासकीय कार्यों में लापरवाही पर कलेक्टर का कड़ा रुख: कई निकायों के CMO की रुकी सैलरी,
हरपालपुर और घुवारा प्रमुखों की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश,
छतरपुर।
जिले में शासकीय योजनाओं की कछुआ चाल और अधिकारियों की लापरवाही पर कलेक्टर ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (PMAY 2.0) और पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा बैठक के दौरान काम में भारी लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने बड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बैठक में योजनाओं की बेहद धीमी प्रगति और कार्यों में गड़बड़ी मिलने पर जिले के कई मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (CMO) और आवास प्रभारियों पर गाज गिरी है।
इन अधिकारियों की रुकेगी सैलरी
समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना में लिंटल स्तर पर जियो-टैगिंग न होने और एक भी आवास पूर्ण नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित अधिकारियों का वेतन (Salary) रोकने के निर्देश दिए हैं:
छतरपुर: सीएमओ एवं आवास प्रभारी
नौगांव: सीएमओ एवं आवास प्रभारी
महाराजपुर: सीएमओ एवं आवास प्रभारी
हरपालपुर: सीएमओ
लवकुशनगर और खजुराहो: संबंधित अधिकारियों की वेतन रोकने के निर्देश।
हरपालपुर और घुवारा CMO की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश
पीएम स्वनिधि योजना में अत्यंत धीमी प्रगति और लक्ष्य को पूरा न करने के चलते हरपालपुर सीएमओ की वेतन वृद्धि (Increment) रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही घुवारा सीएमओ के खिलाफ भी काम में संतोषजनक प्रगति न होने पर वेतन वृद्धि रोकने की सख्त कार्रवाई की गई है।
गलत तथ्य पेश करने पर दो CMO का बढ़ेगा प्रोबेशन पीरियड
बैठक में सबसे गंभीर मामला राजनगर और बड़ामलहरा निकायों का सामने आया। यहाँ न सिर्फ आवास निर्माण का कार्य अधूरा था, बल्कि समीक्षा के दौरान अधिकारियों द्वारा गलत तथ्य (गलत जानकारी) भी प्रस्तुत किए गए। इस पर सख्त एक्शन लेते हुए कलेक्टर ने राजनगर और बड़ामलहरा सीएमओ के विरुद्ध 'प्रोविजनल पीरियड एक्सटेंशन' (परिवीक्षा अवधि बढ़ाने) के लिए प्रमुख सचिव (P.S.) को पत्र भेजने के निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर की दो टूक चेतावनी:
"आवास निर्माण के कार्यों में हर हाल में प्रगति बढ़ाएं। योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
कलेक्टर ने बैठक में आवास योजना के तहत प्राप्त हुए नए आवेदनों की पात्रता और अपात्रता की भी बारीकी से समीक्षा की और पात्र हितग्राहियों को जल्द से जल्द लाभान्वित करने के निर्देश दिए। इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई से जिले के नगरीय निकायों के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
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