छतरपुर। विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर वर्षों से निस्वार्थ भाव से पीड़ितों की सेवा करते आ रहे समाजसेवी अमित जैन ने 63वीं बार रक्तदान कर समाज के सामने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। शुक्रवार को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में उन्होंने रेडक्रॉस के पदाधिकारियों के साथ अपना यह पुनीत महादान किया।
कई अन्य युवाओं ने भी किया महादान
अमित जैन की इस प्रेरणादायक पहल के साथ-साथ क्षेत्र के कई अन्य युवाओं ने भी जरूरतमंद मरीजों के लिए आगे आकर रक्त दान किया। इनमें संदीप आर्य, आशुतोष हरदेनिया, अर्जुन बुंदेला, राजेन्द्र परमार और मकबूल खान प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन सभी रक्तदाताओं ने इस अवसर पर एकजुट होकर यह संदेश दिया कि 'रक्तदान ही सबसे बड़ा महादान है', जो संकट की घड़ी में किसी की भी जान बचा सकता है।
नन्ही 'रक्तवीरांगना' ने जीता सबका दिल
इस रक्तदान शिविर का एक विशेष और भावुक आकर्षण खजुराहो से छतरपुर आईं एक नन्ही बालिका मनीषा मिश्रा रहीं। नन्ही 'रक्तवीरांगना' के रूप में पहचानी जाने वाली मनीषा ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर सभी रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया और उनके इस नेक कार्य की सराहना की। उनकी उपस्थिति ने वहां मौजूद हर शख्स में एक नई ऊर्जा भर दी।
चिकित्सकों व ब्लड बैंक स्टाफ ने जताया आभार
कार्यक्रम के सफल आयोजन में अस्पताल प्रबंधन का भी विशेष योगदान रहा। इस मौके पर निधि, डॉ. अग्रवाल और ब्लड बैंक का समस्त स्टाफ मुस्तैदी से उपस्थित रहा। उन्होंने सभी रक्तदाताओं के स्वास्थ्य की जांच कर सुरक्षित रक्तदान करवाया और इस पुनीत कार्य के लिए दाताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।
विश्व रक्तदान दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समाज में आज भी ऐसे कई नायक मौजूद हैं जो दूसरों का जीवन बचाने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
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