सफलता की उड़ान:नौगांव की बेटी निधि भारती ने पहले ही प्रयास में पास की IIT JEE Advanced,GATE परीक्षा,

सफलता की उड़ान:नौगांव की बेटी निधि भारती ने पहले ही प्रयास में पास की IIT JEE Advanced,GATE परीक्षा,

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सफलता की उड़ान:नौगांव की बेटी निधि भारती ने पहले ही प्रयास में पास की IIT JEE Advanced,GATE  परीक्षा,आईआईटी रुड़की उत्तराखंड में हुआ चयन
नौगांव (छतरपुर)।

कहावत है कि "लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।" इस पंक्ति को छतरपुर जिले के नौगांव कस्बे की एक साधारण परिवार की मेधावी बेटी निधि भारती ने सच कर दिखाया है। निधि ने अपनी कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और अटूट विश्वास के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन मानी जाने वाली 'आईआईटी जेईई एडवांस्ड' गेट (IIT JEE Advanced GATE) परीक्षा में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। उनका चयन देश के सर्वोच्च तकनीकी संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की, उत्तराखंड के लिए हुआ है। सबसे गौरव की बात यह है कि निधि ने यह ऐतिहासिक मुकाम अपने पहले ही प्रयास में हासिल किया है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और संस्कारों की जीत
निधि भारती एक बेहद अनुशासित और संस्कारी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता अनिल भारती (बॉबी) प्राइमरी स्कूल नौगांव जिला छतरपुर मध्यप्रदेश में शिक्षक हैं और माता शशि भारती एक कुशल गृहणी हैं। निधि की इस सफलता के पीछे उनके परिवार की मजबूत बुनियाद और बुजुर्गों का आशीर्वाद रहा है। उनके दादा स्वर्गीय ग्यासी राम अहिरवार (दरोगा जी) एवं दादी स्वर्गीय बूंदाबाई अहिरवार (रिटायर्ड छात्रावास अधीक्षिका,आश्रम रोड न्यू कॉलोनी,नौगांव) को क्षेत्र में हर कोई सम्मान से याद करता है। आज भले ही वे इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके पुण्य प्रताप, सिद्धांतों और आशीर्वाद की बदौलत उनकी नातिन ने पूरे देश में नौगांव का नाम रोशन कर दिया है।
 बिना बड़े कोचिंग के 'सेल्फ स्टडी' से रचा इतिहास,
आज के दौर में जहां आईआईटी जैसी परीक्षाओं के लिए लोग लाखों रुपये खर्च करके बड़े-बड़े कोचिंग संस्थानों का रुख करते हैं, वहीं निधि ने एक नई मिसाल पेश की है। निधि की इस ऐतिहासिक सफलता का सबसे बड़ा मंत्र उनकी नियमित दिनचर्या और 'सेल्फ स्टडी' (स्व-अध्ययन) रहा। उन्होंने बिना किसी बड़े कोचिंग के सहारे, घर पर ही एक कड़ा टाइम-टेबल बनाकर अनुशासित ढंग से पढ़ाई की।
इस कठिन सफर में उनके शिक्षक पिता अनिल भारती और माता शशि भारती ने अपनी बेटी की हर जरूरत का ध्यान रखा। उन्होंने हर कदम पर निधि का हौसला बढ़ाया और एक सकारात्मक माहौल दिया, जिसके दम पर निधि आज इस मुकाम पर पहुंची हैं।  "अनुशासन और सही दिशा हो तो कोई लक्ष्य कठिन नहीं" — निधि भारती
अपनी इस स्वर्णिम सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए निधि भारती ने कहा, "यदि आपके पास सही दिशा, कड़ा अनुशासन और खुद पर तथा परिवार का आप पर भरोसा हो, तो दुनिया की कोई भी परीक्षा कठिन नहीं होती।" उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के आशीर्वाद को दिया। निधि ने आगे कहा कि आज के समय में बेटियों के सामने कई चुनौतियां होती हैं, लेकिन अगर मन में अटूट संकल्प हो, तो बड़े से बड़े लक्ष्य को पहले ही प्रयास में हासिल किया जा सकता है।
क्षेत्र में खुशी की लहर, बधाई देने वालों का तांता
निधि की इस शानदार सफलता की खबर सुनते ही नौगांव सहित पूरे छतरपुर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। विद्यालय के शिक्षकों, सगे-संबंधियों, मित्रों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने निधि के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें और उनके परिवार को मिठाई खिलाकर बधाई दी है।
निधि भारती ने न केवल अपने माता-पिता और समाज का सिर फक्र से ऊंचा किया है, बल्कि वह आज देश की लाखों बेटियों और युवा पीढ़ी के लिए एक महान रोल मॉडल (प्रेरणा स्रोत) बनकर उभरी हैं। उनकी यह कहानी साबित करती है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या सुख-सुविधाओं की मोहताज नहीं होती, वह सिर्फ और सिर्फ सच्चे परिश्रम की भूखी होती है।

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