होनहार धैर्य राजपूत ने रचा इतिहास: मात्र ढाई महीने की कोचिंग और कड़ी मेहनत से सैनिक स्कूल परीक्षा में लहराया परचम
होनहार धैर्य राजपूत ने रचा इतिहास: मात्र ढाई महीने की कोचिंग और कड़ी मेहनत से सैनिक स्कूल परीक्षा में लहराया परचम
हरपालपुर। प्रतिभा और सही मार्गदर्शन जब मिल जाते हैं, तो सफलता निश्चित हो जाती है। इसे सच कर दिखाया है नगर के होनहार छात्र धैर्य राजपूत ने। तक्षशिला पब्लिक मॉडल स्कूल के छात्र धैर्य ने अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में 300 में से 257 अंक हासिल कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है।
ढाई महीने की तैयारी और कोचिंग का कमाल
धैर्य की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने मात्र ढाई महीने की संक्षिप्त अवधि में सघन तैयारी की। उनकी इस उपलब्धि में उनकी कोचिंग टीचर स्नेहा मैडम का सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा। स्नेहा मैडम के कुशल मार्गदर्शन, विशेष शिक्षण तकनीक और धैर्य की दिन-रात की मेहनत ने इस कठिन परीक्षा में शानदार सफलता दिलाई है।
धैर्य, हरपालपुर निवासी श्रीमती अंजू राजपूत एवं डॉ. धर्मेंद्र सिंह राजपूत (पशु चिकित्सा अधिकारी, चौका गाँव, उत्तर प्रदेश) के सुपुत्र हैं।
क्षेत्र में खुशी की लहर
धैर्य के चयन से न केवल उनके परिवार में हर्ष का माहौल है, बल्कि तक्षशिला पब्लिक मॉडल स्कूल और पूरे नगर का नाम रोशन हुआ है। विद्यालय प्रबंधन ने इसे अन्य छात्र-छात्राओं के लिए एक मिसाल बताया है।
"धैर्य की लगन और स्नेहा मैडम के सही मार्गदर्शन ने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची, तो कम समय में भी बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है। उनके चयन ने हम सभी को गौरवान्वित किया है।"
— विद्यालय प्रशासन, तक्षशिला पब्लिक मॉडल स्कूल
गुरुजनों और माता-पिता का मान बढ़ाया
नगरवासियों और विद्यालय परिवार ने धैर्य के उज्जवल भविष्य की कामना की है। उनकी इस उपलब्धि पर गुरुजनों ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि धैर्य ने न केवल अपने माता-पिता का सपना पूरा किया है, बल्कि क्षेत्र के अन्य बच्चों को भी कड़ी मेहनत और सही ट्यूशन-कोचिंग के महत्व से अवगत कराया है।
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